हिमाचल प्रदेश में मानसून ने मचाई तबाही, प्राकृतिक आपदा 24 घंटों में 22 लोगों ने गवाई जान। भुसखलन के चलते 322 सड़कें यातायात कि आवाजाही के लिए बंद जनता परेशान। 832 ट्रांसफार्म ठप।

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने मचाई तबाही, प्राकृतिक आपदा 24 घंटों में 22 लोगों ने गवाई जान। भुसखलन के चलते 322 सड़कें यातायात कि आवाजाही के लिए बंद जनता परेशान। 832 ट्रांसफार्म ठप।

जिला शिमला के चियोग में लैंडस्लाइड के चपेट में आने से रेखा देवी (40) की मौत हो गई। इससे हिमाचल में बीते 24 घंटों के दौरान प्राकृतिक आपदा से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 22 हो गया है। भुसखलन के कारण अभी भी 322 सड़कें यातायात की आवाजाही के लिए बंद है। लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


मंडी जिला में सबसे ज्यादा 129 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 76, चंबा में 68, शिमला में 41, सोलन और कांगड़ा में तीन-तीन , बिलासपुर में दो सड़कों पर यातायात की आवाजाही बंद है।

भारी बरसात के कारण 832 ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। शिमला के चौपाल डिवीजन में सबसे ज्यादा 360 ट्रांसफार्मर बंद हैं। मंडी में 227, कुल्लू में 102, और चंबा में 196 ट्रांसफार्मर के बंद होने से क्षेत्र में लोगों को पावर कट की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पानी के 86 स्कीम भी प्रभावित हुई हैं।



रविवार को मौसम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी मौसम साफ बना हुआ है, लेकिन भूस्खलन की घटनाओं से नुकसान का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। त्ततापानी सड़क पर पहाड़ दरकने से शिमला करसोग मार्ग यातायात की आवाजाही के लिए बंद हो गया। वहीं, शिमला के गुम्मा, बागी सड़क पर बड़ी चट्टान गिरने से यह मार्ग भी यातायात की आवाजाही के लिए बंद हो गया है।

गनीमत यह रही कि इस चट्टान की चपेट में कोई वाहन या व्यक्ति नहीं आया। सेब बहुल क्षेत्र होने के कारण इस चट्टान के गिरने से किसानों बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इधर इस क्षेत्र में सेब सीजन अपने पूरे चरम पर है और इस मार्ग के बंद होने से लोगों को अपना उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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