मैंने हिमाचल की रोटी खाई है, कर्ज भी चुकाना है : नरेन्द्र मोदी
एम्स, हाइड्रो इंजीनियर कॉलेज के उद्घाटन और मेडिकल डिवाइस पार्क के शिलान्यास के बाद बोले प्रधानमंत्री
एम्स निर्माण कार्य, केंद्र की योजनाओं को लागू करने और सामाजिक सुरक्षा पर थपथपाई जयराम ठाकुर की पीठ

मैंने हिमाचल की रोटी खाई है, कर्ज भी चुकाना है : नरेन्द्र मोदी

एम्स, हाइड्रो इंजीनियर कॉलेज के उद्घाटन और मेडिकल डिवाइस पार्क के शिलान्यास के बाद बोले प्रधानमंत्री

एम्स निर्माण कार्य, केंद्र की योजनाओं को लागू करने और सामाजिक सुरक्षा पर थपथपाई जयराम ठाकुर की पीठ


बिलासपुर।। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विजयदशमी के अवसर पर बिलासपुर के लुहणू मैदान से 3 हज़ार 650 करोड़ के उद्घाटन और शिलान्यास किए। प्रधानमंत्री ने 1471 करोड़ की लागत से तैयार बिलासपुर एम्स और 140 करोड़ रुपये की लागत के गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर का उद्घाटन किया। इसके अलावा 350 करोड़ रुपये के मेडिकल डिवाइस पार्क और 1692 करोड़ के पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन कार्य का शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिलासपुर के लुहणू मैदान से जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों और हिमाचलवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस पावन पर्व पर हमें हर बुराई से पार पाते हुए अमृतकाल के पंच प्रण के संकल्प के लिए ऊर्जा मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में सबसे पहले माता नैना देवी और बाबा बझिया का जयकारा लगाया। इसके बाद उन्होंने भाषण की शुरुआत कहलूरी बोली में की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘बिलासपुरा आलेयां हऊं धन्य होई गेया, आज मिंजो दशहरे रे इस पावन मौके पर माता नैना देविया रे आशीर्वादा ने, तुसा सारेयां रे दर्शन रा सौभाग्य मिल्या। तुहां सारेयां जो मेरी राम-राम, कने एम्स री बड़ी-बड़ी बधाई।’ उन्होंने हाइड्रो कॉलेज और एम्स को बिलासपुर की नई पहचान बताते हुए कहा, “कहलूरा री बंदले धारा ऊपर हाइड्रो कॉलेज कने थले एम्स हुण एथी री पहचान होणी।”



*‘बिलासपुर को शिक्षा और स्वास्थ्य का डबल गिफ्ट’*

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि विजयदशमी के मौके पर हिमाचल प्रदेश के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर के हज़ारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का उपहार देने का अवसर मिला है। ये संयोग है कि विजयदशमी हो और विजय का रणसिंगा फूंकने का अवसर मिले। ये भविष्य की विजय का आगाज लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिलासपुर को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का डबल का गिफ्ट मिला है।


*बिलासपुर से जुड़ी यादों का किया जिक्र*
उन्होंने कहा कि बिलासपुर में आज पुरानी यादें ताजा हो रही हैं। वो भी एक वक्त था जब यहां पैदल टहलते थे। मैं, धूमल जी और नड्डा जी यहां की सड़कों से पैदल गुजरते थे। हम एक बहुत बड़ी रथ यात्रा का कार्यक्रम लेकर यहां की गलियों से गुजरे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल की इस भूमि में काम करते हुए मुझे निरंतर हिमाचल की विकास यात्रा का सह यात्री बनने का अवसर मिला है।


*‘ये विकास मोदी के नहीं, आपके कारण हुआ है’*

उन्होंने कहा कि मैं सुन रहा था अनुराग ठाकुर, जेपी नड्डा और जयराम ठाकुर कह रहे थे कि ये मोदी ने किया। लेकिन मैं सच्चाई बताता हूं कि ये जो कुछ हो रहा वो आपने किया है। यह आपके कारण हुआ है। अगर आप सिर्फ दिल्ली में मोदी को आशीर्वाद देते और हिमाचल में उनके साथियों को आशीर्वाद न देते तो वो सारे कामों में अड़ंगे डाल देते। ये तो जयराम और उनकी टीम है कि जो-जो काम दिल्ली से मैं लेकर आता हूं उसे तेज गति से दौड़ाते हैं।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यदि एम्स, अटल टनल, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल डिवाइस पार्क बना है तो ये आपके वोट की ताकत है। इसलिए आज मैं हिमाचल की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकास के काम कर रहा हूं।

*‘देश पुरानी सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है’*

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास को लेकर हमने देश में लंबे समय तक एक विकृत सोच को हावी होते हुए देखा है कि अच्छी सड़कें और अच्छे शिक्षण संस्थान, अस्पताल, उद्योग बड़े-बड़े शहरों और राज्यों में ही होंगे। विशेषकर देश के पहाड़ी राज्यों में मूलभूत सुविधाएं सबसे अंत में कई वर्षों के इंतजार के बाद पहुंचती थी। उस सोच का नतीजा ये हुआ कि देश में विकास का बड़ा असंतुलन पैदा हो गया। इस वजह से देश का बड़ा हिस्सा और वहां के लोग असुविधा और अभाव में रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में देश उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर नई और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।

*‘बिलासपुर एम्स ग्रीन एम्स के नाम से जाना जाएगा’*


नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हिमाचल में पहले एक यूनिवर्सिटी से गुजारा होता था। इलाज और मेडिकल की पढ़ाई के लिए आईजीएमसी और टांडा मेडिकल क़ॉलेज पर ही निर्भरता थी। गंभीर बीमारियों का इलाज, शिक्षा और रोजगार के लिए चंडीगढ़ जाना मजबूरी बन गया था। लेकिन बीते आठ वर्षों में हमारी डबल इंजन सरकार ने हिमाचल की विकास गाथा को नए आयाम पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी और देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान एम्स भी है। बिलासपुर एम्स एक और बदलाव का प्रतीक भी है। एम्स के अंदर भी बिलासपुर एम्स एक ग्रीन एम्स के नाम से जाना जाएगा।

*प्रधानमंत्री बोले-मैं हिमाचल का बेटा हूं*


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले सरकारें शिलान्यास का पत्थर लगाती थीं और फिर चुनाव होने के बाद भूल जाती थीं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारे धूमल जी ने एक बार कार्यक्रम चलाया कि देखें कि कहां-कहां पत्थर पड़े हैं, लेकिन काम नहीं हुआ। बहुत सारे ऐसे काम थे कि पत्थर पड़े थे लेकिन काम नहीं हुआ था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं एक बार रेलवे का रिव्यू कर रहा था। ऊना में रेलवे बिछाने के लिए 35 साल पहले घोषणा हुई थी, लेकिन फिर फाइल बंद हो गई। लेकिन मैं आपका बेटा हूं आज हिमाचल में विकास को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की यह पहचान है कि जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करती है उसका लोकार्पण भी करती है। अटकना, लटकना, और भटकने का वो जमाना चला गया। राष्ट्र रक्षा में हमेशा से हिमाचल का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जो हिमाचल पूरे देश में राष्ट्र रक्षा के वीरों के लिए जाना जाता है वो हिमाचल अब एम्स के चलते जीवन रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। उन्होंने कहा कि 2014 तक हिमाचल में केवल तीन मेडिकल कॉलेज थे। इसमें दो सरकारी थी। बीते आठ वर्षों में हिमाचल में पांच नए मेडिकल कॉलेज बने हैं। 2014 तक अंडर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में केवल 500 विद्यार्थी ही मेडिकल की पढ़ाई कर सकते थे। आज यह संख्या दोगुना से भी ज्यादा हो चुकी है।


*एम्स के लिए थपथपाई मुख्यमंत्री जयराम की पीठ*

प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी ने कहा कि मुझे जयराम जी और उनकी टीम, भारत सरकार के आरोग्य मंत्रालय को विशेष रूप से बधाई देनी है। जब नड्डा जी स्वास्थ्य मंत्री थे तब हमने बिलासपुर में एम्स बनाने का निर्णय लिया था। उसके बाद नड्डा जी के जिम्मे बड़ा दायित्व आ गया और मैं भी शिलान्यास कर गया। इसी कालखंड में कोरोना की भयंकर महामारी आई। हम जानते हैं कि हिमाचल में कोई भी कंस्ट्रक्शन का काम करना होता तो कितनी दिक्कतें होती हैं। जो काम नीचे एक घंटे में होता है वो काम पहाड़ों में एक दिन में होता है। इतनी कठिनाई में भारत सरकार के मंत्रालय और जयराम जी की टीम ने जिस मेहनत से काम किया उसकी बदौलत आज एम्स धरातल पर काम करने लग पड़ा है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दवाओं और जीवन रक्षक टीकों के निर्माता के रूप में भी हिमाचल की भूमिका का विस्तार किया जा रहा है। बल्क ड्रग पार्क के लिए सिर्फ तीन राज्यों को चुना गया है। उसमें में एक राज्य हिमाचल को चुना गया है। ये आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की गांरटी का शिलान्यास है। हमारी सरकार मजबूती के साथ आज की पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के लिए काम करती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मेडिकल में टेक्नोलॉजी का भरपूर प्रयोग हो रहा है। विशिष्ट प्रकार के औजारों की जरूरत पड़ती है। जहां ये डिवाइस बन सकें उस मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए भी देश में केवल चार राज्यों चुना गया है। इतने बड़े हिंदुस्तान में इतनी बड़ी जनसंख्या, हिमाचल तो छोटा सा राज्य है। लेकिन ये वीरों की धरती है और मैंने यहां कि रोटी खाई है। मुझे ये कर्ज भी चुकाना है। इसलिए चौथा मेडिकल डिवाइस पार्क आपके हिमाचल में बन रहा है। इस पार्क के निर्माण के लिए हज़ारों करोड़ रुपये निवेश यहां होगा। इससे जुड़े बड़े और छोटे उद्योग यहां विकसित होंगे, जिससे यहां के हज़ारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

* ‘सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर जयराम सरकार को बधाई’*

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो भी योजनाएं बनाई हैं उन्हें जमराम और उनकी टीम ने बड़ी तेजी के साथ जमीन पर उतारा है और उसका दायरा भी बढ़ाया है। हम सभी के सामने है कि हर घर नल से जल पहुंचाने का काम यहां बहुत तेजी से हुआ है। पिछले सात दशकों में जितने नल कनेक्शन हिमाचल में दिए गए उसे ज्यादा हम तीन वर्षों में दे चुके हैं। तीन वर्षों में ही साढ़े आठ लाख से अधिक लोगों को नल से जल की सुविधा मिली है।

नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जयराम और उनकी टीम की एक और मामले में देश बहुत अधिक प्रशंसा कर रहा है। यह प्रशंसा सामाजिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के प्रयासों को विस्तार देने के लिए हो रही है। आज हिमाचल का शायद ही कोई परिवार ऐसा जहां किसी न किसी सदस्य को पेंशन की सुविधा न मिल रही हो। विशेष रूप से जो साथी बेसहारा है, जिन्हें गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया है। ऐसे परिवारों को पेंशन और इलाज के खर्च से जुड़ी सहायता सराहनीय है। हिमाचल प्रदेश के लाखों परिवारों को वन रैंक और वन पेंशन से लाभ मिला है।



उन्होंन कहा कि हिमाचल अवसरों का प्रदेश है। मैं जयराम ठाकुर जी को एक और बधाई देता हूं। हिमाचल प्रदेश देश का पहला प्रदेश है जिसने शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में होती है, चलती है वाला मामला नहीं, ठान लिया है तो कर के रहना है।


*हिमाचल को ड्रोन पॉलिसी के लिए दी बधाई*

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने ड्रोन को लेकर नियम बदले हैं। मैं हिमाचल को बधाई देता हूं देश का सबसे पहला राज्य हिमाचल है जिसने ड्रोन पॉलिसी बनाई है। अब ट्रांसपोर्टेशन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसा विकास जिससे हर नागरिक की सुविधा बढ़े और हर नागरिक समृद्धि से जुड़े इसके लिए हम प्रायसरत हैं। यही विकसित भारत और विकसित हिमाचल प्रदेश के संकल्प को सिद्ध करेगा।

*प्रधानमंत्री ने दिया मेडिकल टूरिज्म का विजन*

प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल का एक पक्ष और है, जिसमें यहां विकास की अनंत संभावनाएं हैं। यह है मेडिकल टूरिज्म। यहां की आबोहवा, मौसम, जड़ी बूटियां ये अच्छे स्वास्थ्य का वातारण है। आज भारत मेडिकल टूरिज्म को लेकर आकर्षण का केंद्र बन रहा है। जब देश और दुनिया के लोग ट्रीटमेंट के लिए यहां आना चाहेंगे तो उनके लिए आरोग्य का लाभ भी होगा और टूरिज्म भी बढ़ेगा। हिमाचल के दोनों हाथों में लड्डू है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि गरीब और मध्यम वर्ग के इलाज पर कम से कम खर्च हो, उसे इलाज बेहतर मिले और इसके लिए उसे दूर न जाना पड़े। इसलिए आज एम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में क्रिटिकल केयर सुविधा और गांवों में हेल्थ वेलनेस सेंटर पर बल दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत देशभर में 3 करोड़ 7 लाख मरीजों को मुफ्त इलाज हो चुका है। इसमें भी मेरे हिमाचल के परिवार के डेढ़ लाख लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना पर अभी तक देश में करीब 45 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मेरे लिए एक और संतोष की बात है कि सरकार की इन योजनाओं का सबसे अधिक लाभ हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को मिला है। माताओं और बहनों को सशक्त करने के लिए हम कार्य कर रहे हैं।



*‘हिमाचल की सड़कों पर खर्च हो रहे 50 हज़ार करोड़’*

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यहां बिजली पैदा होती, फल-सब्जी के लिए उपजाऊ जमीन है और रोजगार के अनंत अवसर देने वाला पर्यटन यहां पर है। इन अवसरों के सामने बेहतर कनेक्टिविटी का अभाव सबसे बड़ी रुकावट है। 2014 के बाद से हिमाचल प्रदेश में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर गांव-गांव तक पहुंचाने का काम हो रहा है। आज हिमाचल की सड़कों को चौड़ा करने का काम भी चारों तरफ चल रहा है। इस पर करीब 50 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पिंजौर और नालागढ़ फोरलेन का काम जब पूरा हो जाएगा तो औद्योगिक क्षेत्र बद्दी और नालागढ़ को तो लाभ होगा ही बल्कि यात्रियों की भी सुविधा बढ़ेगी। हिमाचल के लोगों को घुमावदार रास्तों से मुक्ति दिलाने के लिए सुरंगों का जाल बिछाया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर भी हिमाचल में अभूतपूर्व काम हुआ है। गांव-गांव नेटवर्क पहुंचा है। बेहतर 4जी कनेक्टिविटी के कारण हिमाचल डिजिटल लेनदेन में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल इंडिया का सबसे अधिक लाभ हिमाचल के लोगों को हो रहा है। पहले बिल भरने से लेकर बैंक से जुड़े हर छोटे-छोटे कामों के लिए पहाड़ से नीचे उतरकर दफ्तरों में जाना पड़ता था। अब तो देश में 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जिसका लाभ हिमाचल को भी मिलेगा।

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