प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने बदली हिमाचल की तकदीरः मुख्यमंत्री


प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने बदली हिमाचल की तकदीरः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 50 प्रतिशत सड़कें महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत निर्मित की गई हैं और इसका पूर्ण श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है जिनका हिमाचल प्रदेश के प्रति सदैव स्नेहपूर्ण भाव रहा। वर्तमान में प्रदेश में दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों सहित 39 हजार किलोमीटर सड़कें लोगों को सड़क सम्पर्क सुविधा प्रदान कर रही हैं।


मुख्यमंत्री ने आज कांगड़ा जिला के इंदौरा में हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आयोजित प्रगतिशील हिमाचलः स्थापना के 75 वर्ष के कार्यक्रम के अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यह जिला कांगड़ा में प्रगतिशील हिमाचल स्थापना के 75 वर्ष श्रृंखला के अन्तर्गत आयोजित पहला कार्यक्रम है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न चुनौतियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस पहाड़ी राज्य ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल हमें प्रदेश के अस्तित्व के गौवरशाली इतिहास से अवगत करवाते हैं बल्कि प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए समर्पण और मेहनत से कार्य करने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने हमेशा जरूरतमंद लोगों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए व्यय किए गए 400 करोड़ रुपये की तुलना में वर्तमान प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये किया है। प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पात्रता आयु सीमा को घटाकर 80 से 70 वर्ष किया और अब इसे 60 वर्ष किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जल विद्युत क्षमता के कारण हिमाचल प्रदेश, देश में ऊर्जा सरप्लस राज्य बनकर उभरा है परन्तु प्रदेश के लोग इससे लाभान्वित नहीं हो पा रहे थे, वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से देखते हुए प्रदेश के 15 लाख ऊर्जा उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से घरेलू ऊर्जा खपत पर जीरों बिल का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत आर्थिक सहायता राशि को 31000 रुपये से बढ़ाकर 51000 रुपये किया है। इसी प्रकार बेटी है अनमोल योजना के अन्तर्गत आर्थिक सहायता राशि को बढ़ाकर 21000 रुपये किया है। पिछले वर्ष के दौरान नौ करोड़ रुपये व्यय कर 30851 कन्याओं को लाभान्वित किया गया था। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 2633 कन्याओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को टॉप अप आर्थिक सहायता के रूप में 25000 रुपये का अतिरिक्त रिवॉलविंग फंड प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि स्वयं सहायता समूहों को बाजार मांग और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपने उद्यम को सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित 20 हजार लोगों को चिन्हित किया और इनकी मदद के लिए ‘सहारा’ योजना आरंभ की। सहारा योजना के माध्यम से अब इन्हें प्रतिमाह 3000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं।
कोरोना संकट की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक महामारी की चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने राज्य का विकास बिलकुल भी प्रभावित नहीं होने दिया। उन्हांेने कहा कि प्रदेशवासियों के सक्रिय सहयोग, विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी एवं समय पर उठाए गए प्रभावी कदमों के कारण यह संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के सक्षम नेतृत्व के कारण भारत में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान आरंभ हुआ और इस अभियान में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा।
जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने दिन-रात कार्य करते हुए जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद की। इन कार्यकर्ताओं ने लोगों को लाखों मास्क, सेनिटाइजर, खाद्य किट और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की। भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कपड़े के लगभग 50 लाख मास्क तैयार करके लोगों को बांटे। दूसरी ओर, संकट के उस दौर में भी कांग्रेस के नेताओं ने कुछ नहीं किया और वे इस संवेदनशील मुद्दे के राजनीतिकरण करने में ही लगे रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान, राज्य ने 50 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। कोरोना संकट से पहले प्रदेश में केवल 30 वेंटिलेटर थे, लेकिन अब इस समय राज्य में 1050 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में सात-सात पंचायतों के सात समूहों के लिए एक-एक व्यायामशाला स्थापित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘हिमाचल तब और अब’ विषय पर आधारित विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। इस मौके पर राज्य की 75 साल की विकास यात्रा पर आधारित एक वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया।
स्थानीय विधायक रीता धीमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की विकासात्मक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इंदौरा विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ढांचागत विकास हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान सांसद किशन कपूर, विधायक अर्जुन ठाकुर और राजेश ठाकुर, सामान्य उद्योग विकास निगम के उपाध्यक्ष मनोहर धीमान, भाजपा मंडल अध्यक्ष बलवान सिंह, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक खुशाल शर्मा, पंचायत समिति के अध्यक्ष सहदेव ठाकुर और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

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