कांग्रेस सरकार फोरलेन प्रभावितों को देगी चार गुणा मुआवजा, विस्थापितों का करेगी पुर्नवासः अल्का लांबा

कांग्रेस सरकार फोरलेन प्रभावितों को देगी चार गुणा मुआवजा, विस्थापितों का करेगी पुर्नवासः अल्का लांबा

कांग्रेस ने किसानों के हक में बनाया था भूमि अधिग्रहण कानून, अब लागू भी कांग्रेस ही करेगीः सुंदर सिंह ठाकुर


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता अल्का लांबा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार और हिमाचल की जयराम सरकार ने फोरलेन प्रभावितों के साथ धोखा किया है। कुल्लू में एक प्रैस कांफ्रेंस में अल्का लांबा ने कहा कि 2017 में भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी मुआवजा प्रभावितों को नहीं दिया। उल्टे किसानों का अपमान किया गया।


अल्का लांबा ने कहा है कि किसानों की जमीनों से बेदखली और उनके साथ अन्याय को देखते हुए केंद्र की तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून पारित करवाया था। इसमें साफ है कि किसानों की जमीनों का जबरन अधिग्रहण नहीं होगा। कानून में किसानों को फैक्टर टू के अनुसार चार गुणा मुआवजा देने का भी प्रावधान है। लेकिन हिमाचल में भाजपा सरकार इसे लागू नहीं कर रही।

किसानों से धोखाकर सर्किल रेट गिरा दिए
अल्का लंबा ने कहा कि जयराम सरकार और दिल्ली की मोदी सरकार प्रभावित किसानों के साथ अन्याय कर रही है। प्रभावितों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा न देना पड़े, इसके लिए जयराम सरकार ने सर्किल रेट गिरा दिए। सरकार किसानों की जमीनों को अपने कब्जे में लगातार ले रही है।

मुआवजा की मांगने वालों की तुलना पाकिस्तानियों से की
अल्का लांबा ने कहा कि भाजपा की सरकार ने मुआवजे की मांग करने वाले किसानों से धोखा करने के साथ ही उनका अपमान भी किया। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने तो अपने हक मांगने वाले किसानों की तुलना पाकिस्तानियों से कर डाली। इस टिप्पणी के लिए आज तक मंत्री और भाजपा के नेतृत्व ने किसानों से माफी भी नहीं मांगी। इससे पता चलता है कि भाजपा किसानों के दुख दर्द के प्रति कितनी संवेदनहीन है।

कांग्रेस चार गुणा मुआवजा देने के साथ करेगी पुर्नवास
अल्का लांबा ने कहा कि हिमाचल कांग्रेस ने इस मसले को दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष उठाया था। कांग्रेस ने तय किया है कि चार गुणा मुआवजा देने के मुद्दे को वह अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करेगी। कांग्रेस किसानों और स्थानीय लोगों को चार गुना मुआवजा देने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगी कि मुआवजा समय पर मिले। विस्थापितों का पुर्नवास भी कांग्रेस सरकार करेगी।



कांग्रेस ने बनाया कानून, लागू भी अब कांग्रेस ही करेगी
इस मौके पर स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने फोरलेन संघर्ष समिति के सदस्यों के आग्रह पर इस मुद्दे को उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के समझ रखा था। शीर्ष नेतृत्व ने वादा किया है कि किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा, इसके साथ ही रिहेबिलटेशन को कांग्रेस सरकार पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून को केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ही बनाया था और अब हिमाचल में वहीं इस पर अमल करेगी।


बीजेपी ने चुनावी वादे को पूरा नहीं किया
सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि बीजेपी ने चुनावों से पहले 2017 में फैक्टर टू के तहत मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन सता में आने पर बीजेपी का रवैया बदल गया। हालात रही कि जब फोरलेन प्रभावित केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलने के लिए गए तो उनको मिलने से रोकने की कोशिश की गई।


ब्रिग्रेडियर खुशाल ठाकुर ने सता में पाने के लिए समिति का इस्तेमाल
विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने भाजपा लोकसभा के प्रत्याशी रहे बिग्रेडियर खुशाल ठाकुर पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने फोरलेन प्रभावितों के मुद्दे को हाईजैक किया। पहले फोरलेन संघर्ष समिति में रहते अपना राजनीतिक कद बढ़ाया और बाद में कुर्सी पाने के लिए फोरलेन संघर्ष समिति के लोगों को छोड़ दिया।


फोरलेन प्रभावितों की मांगें ——
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए फैक्टर एक की अवैध अधिसूचना को रद्द कर एक जनवरी 2015 के बाद की प्रक्रिया पर फैक्टर दो लागू किया जाए।
पुर्नस्थपाना एवं पुर्नवास की शैडयूल दो की प्रक्रिया पर तुरंत पूरा अमल सुनिश्चित किया जाए।
मुआवजा निर्धारण के भू अधिग्रहण कानून की सैक्शन 28 के प्रावधान समानता और न्याय पर अमल कर सप्लीमेंटरी अवार्ड दिया जाए।
मकानों आदि के मुआवजे वर्तमान दरों पर निर्धारित किया जाए।
रोड साइड कंट्रोल विडथ के बाद हो रहे भूमि नुकसान के लिए नीति बनाकर मुआवजा दिया जाए।
उजड़ रहे कस्बे को दोबारा बसाया जाए।
सड़क निर्माण में बाधित रास्ते, कुहलें, पानी की लाइनों आदि की तुरंत बहाली की जाए।
फोरलेने पर सर्विस रोड्स और ड्रैनेज पर तुरंत काम किया जाए
पर्यावरण से खिलवाड रोका जाए।
अवैज्ञानिक खनन और सब स्टेंडर्ड़ कामों की जांच की जाए।
भू अधिग्रहण कानून के अनुसार प्रभावितों को रोजगार दिया जाए।
फोरलेन बनने के बाद साथ के ग्रामीण इलाकों से टीसीपी से हटाया जाए।

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