रिज को बचाने की कवायद शुरू।खुदाई से पहले काटे जा रहे 14 पेड़, जीर्णोद्धार के बाद बढ़ेगा रिज का आकार।

रिज को बचाने की कवायद शुरू।खुदाई से पहले काटे जा रहे 14 पेड़, जीर्णोद्धार के बाद बढ़ेगा रिज का आकार।

ऐतिहासिक रिज मैदान के धंस रहे हिस्से को बचाने के लिए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है।इससे पहले धँसते हिस्से से पेड़ों को काटने का कार्य आरम्भ हो गया है।इसके लिए वन विभाग से मंजूरी मिल गई है।एक सप्ताह के भीतर साइट क्लीयर हो जाने के बाद खुदाई का कार्य आरम्भ हो जाएगा। पेड़ो को काटने के अतिरिक्त इस स्थान से बिजली के खम्बे भी दूसरे स्थान पर शिफ्ट किये जाएंगे।रिज के धँसते हिस्से को बढ़ाया जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत इसके लिए बजट मुहैया करवाया गया है।

नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल ने कहा कि रिज एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है यहां पर पानी का टैंक भी है जिसमें नो चैम्बर है और इससे पूरे शहर को पानी की सप्लाई होती है। इसे बचाने के लिए नगर निगम लंबे समय से प्रयासरत है परन्तु वन विभाग की इस स्थान पर जमीन होने के कारण इस जीर्णोद्धार कार्य मे रुकावट आ रही थी।इस स्थान पर कुछ पेड़ भी है जिसके लिए वन विभाग से अनुमति नही मिल पा रही थी।उन्होंने कहा कि स्वयं उन्होंने निरीक्षण कर मामला सरकार के समक्ष उठाया था और सरकार से अनुमति मिल जाने के बाद भी वन विभाग की यहां पर जमीन होने के कारण थोड़ा कार्य आरम्भ करने में विलंब हुआ।अब वह विभाग से अनुमति मिल गयी है और 14 पेड़ों को काटने का कार्य आरम्भ हो गया है।जल्द ही पेड़ों को काटने के बाद इस स्थान पर कार्य आरम्भ हो जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम को 27 करोड़ रुपये उसके जीर्णोद्धार के लिए दिए गए हैं। आई आई टी रुड़की द्वारा इस स्थान की मृदा जांच भी कर ली गयी है,उसके बाद ही कार्य प्रारंभ हुआ है।इस धँसते स्थान पर तिब्बतियन मार्केट तक रिज का भाग भी बढ़ेगा और 132 तिब्बतियन मार्केट में कार्य कर रहे लोगों को आजीविका भवन में शिफ्ट किया जाएगा।

बता दे कि प्रतिवर्ष बारिश व बर्फबारी के कारण रिज के एक हिस्से पर दरारें पड़ जाती है और यह धंस जाता है,जिसमे नगर निगम द्वारा समय समय पर पैच वर्क के माध्यम से कार्य किया जाता था अब रिज के धँसते हिस्से को बचाने के लिए आई आई टी रुड़की के विशेज्ञों ने डिज़ाइन तैयार किया है।इसके अनुसार रिज का स्ट्रक्चर आगे तक बढ़ेगा और रिज मैदान तिब्बतियन मार्केट तक चोड़ा किया जाएगा।अत्याधुनिक तकनीक से जीर्णोद्धार किया जाएगा।इसके लिए पहले ही विशेज्ञों द्वारा मृदा जांच भी की गई है।जिससे रिज के धँसते हिस्से को बचाया जा सकेगा।

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