शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था के खिलाफ शिमला नागरिक सभा का धरना प्रदर्शन, कूड़े के बिलों की बढ़ी दरों को कम करने की मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था के खिलाफ शिमला नागरिक सभा का धरना प्रदर्शन, कूड़े के बिलों की बढ़ी दरों को कम करने की मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

शिमला नागरिक सभा ने शहर की चरमराई हुई सफाई व्यवस्था के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। सभा ने आरोप लगाया है कि जब से नगर निगम पर भाजपा काबिज हुई है शहर की स्वच्छता रैंकिंग लगातार गिर रही है। कूड़े के बिल की दरें हर वर्ष बढ़ा दी गयी है लेकिन निगम में खाली पदों को भरा नही जा रहा है जिसके कारण शहर में जगह जगह गंदगी के अंबार लगे हैं। नागरिक सभा ने इसको लेकर उपायुक्त शिमला को ज्ञापन भी सौंपा।

नगर निगम के पूर्व महापौर संजय चौहान ने कहा कि सरकार ने अपने राजनीतिक हित साधने के लिए वार्डो की संख्या बढ़ाकर 41 कर दी है लेकिन सफाई का कोई उचित प्रबंध नही किया है। नगर निगम में सफाई कर्मियों के 245 से अधिक पद खाली है। सरकार 10 प्रतिशत की दर से कूड़े के बिलों में वृद्धि कर रही है जिसे तुरंत वापिस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर निगम ऐसा नही करता है तो आगामी समय में नागरिक सभा बड़ा आंदोलन करेगी।

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