मोदी जी के नेतृत्व में भारत बनेगा आयुष गुरु: अनुराग ठाकुर 

मोदी जी के नेतृत्व में भारत बनेगा आयुष गुरु: अनुराग ठाकुर 

गांधीनगर में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का मोदी जी द्वारा उद्घाटन आयुष क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल

केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा गांधीनगर में मोदी जी द्वारा  वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन को एक आयुष के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल बताते हुए इस से बड़े पैमाने पर किसानों के लाभान्वित होने की बात कही है।

अनुराग ठाकुर कल 22 अप्रैल को गुजरात के गांधीनगर में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी के साथ बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित रहेंगे।

अनुराग ठाकुर ने कहा “ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत प्रगति पथ पर अग्रसर है। मोदी जी हर क्षेत्रों में नए विचारों को नवाचारों के पक्ष धर हैं। आयुष एक ऐसा ही क्षेत्र है जिसने दशकों तक उपेक्षा का दंश झेला है मगर प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसकी महत्ता को समझते हुए इसपे विशेष ध्यान भी दिया व विश्व समुदाय का ध्यानाकर्षण आयुष जैसे अछूते क्षेत्र की ओर किया। पिछले कल मोदी जी ने गुजरात के गांधीनगर में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन किया जोकि एक आयुष के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल है। मुझे भी शुक्रवार को इस वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में आयुष को लेकर अपने विचारों को साझा करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी काँगड़ा के दोदिवसीय  दौरे पर कल हिमाचल आ रहे हैं किंतु गुजरात में होने के कारण इसमें उपस्थित होना मेरे लिए सम्भव नहीं हो पाएगा”

आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ आयुष के क्षेत्र में निवेश और नवाचार की संभावनाएं असीमित हैं । आयुष दवाओं, सप्लीमेंट और कॉस्मेटिक्स के उत्पादन में हम पहले ही अभूतपूर्व तेजी देख रहे हैं ।2014 में जहां आयुष सेक्टर 3 बिलियन डॉलर से भी कम का था। आज ये बढ़कर 18 बिलियन डॉलर के भी पार हो गया है। आयुष मरीज़ों के साथ साथ किसानों के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। यह सम्मेलन औषधीय पौधे उगाने में लगे किसानों को बाजार से आसानी से जुड़ने की दिशा में जागरूकता लाने का काम करेगा। डबल्यूएचओ के मुताबिक विश्व में 80 प्रतिशत लोग पारंपरिक औषधि का इस्तेमाल करते हैं। इस औषधि के ज्ञान का  सम्मान ही नहीं करना चाहिए बल्कि उसे बचाना और उसको बढ़ावा भी देना चाहिए।  इस उद्घाटन के दौरान, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ, डब्ल्यूएचओ के डीजी डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेसियस की मौजूदगी दिखाती है की विश्व समुदाय आयुष  को बढ़ावा देने की दिशा में भारत के साथ खड़ा है”

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