बागवानों को खून के आंसू रूला रही सरकार: पहले कीटनाशक व फूंदनाशक देना बंद किया – अब सेब सीजन शुरू होने से पहले मंहगा कर दिया कार्टन हर मुद्दे पर फेल साबित हो रही डबल इंजन कई सरकार…….यशवंत छाजटा

बागवानों को खून के आंसू रूला रही सरकार: पहले कीटनाशक व फूंदनाशक देना बंद किया
-अब सेब सीजन शुरू होने से पहले मंहगा कर दिया कार्टन हर मुद्दे पर फेल साबित हो रही डबल इंजन कई सरकार…….यशवंत छाजटा


कांग्रेस महासचिव यशवंत छाजटा ने केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की जयराम सरकार पर बड़ा हमला हमला करते हुए आड़े हाथ लेते हुए कहा कि । वैसे तो मुख्यमंत्री जयराम अपने आपको किसान और बागवान का बेटा कहलाते है और बाग़वानों के विरोधी बने हुए हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार किसान व बागवानों को खून के आंसू रूला रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। पहले सरकार ने सस्ती दरों पर मिलने वाले कीटनाशक व फफूंदनाशक की सप्लाई बंद की।  किसान व बागवानों को कहा गया कि उनके बैंक खाते में सब्सिडी आएगी, जो आज तक नहीं आई है। इसके बाद खाद, स्प्रे सब मंहगा किया गया।  अब सेब सीजन शुरू होने से ठीक पहले पैकेजिंग मैटिरियल को मंहगा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्टन, ट्रे से लेकर हर चीज मंहगी हो गई है।

ट्रकों का भाड़ा भी बढ़ गया है। ट्रक ऑप्रेटर तर्क दे रहे हैं कि डीजल मंहगा हो गया है। उन्होंने कहा कि सेब पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कार्टन के दाम में 15 से 20 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बागवानों के प्रति बिलकुल भी सगज नहीं है और न ही उन्हें बागवानों की कोई चिंता है। सेब उद्योग प्रदेश के लाखों परिवार की रोजी रोटी का साधन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान व बागवान मंहगाई से त्रस्त है। शिमला जिला में बागवान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं, मुख्यमंत्री, मंत्री को उनसे बात करने तक का समय नहीं है।


उन्होंने कहा कि सीजन के दौरान बागवान आढ़तियों द्वारा लूट का शिकार न हो, इसके लिए ठोस नीति बनाई जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का रवैया बागवानों के प्रति ऐसा ही रहता है तो आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन को किसान व बागवान मजबूर होंगे।

केंद्र से राहत मांगने में क्यो हिचकिचा रहे हैं जयराम
छाजटा ने कहा कि जीएसटी के कारण सेब पैकेजिंग मैटरियल मंहगा हुआ है ऐसा तर्क दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि वह इस मसले को लेकर केंद्र के समक्ष उठाने से क्यों हिचकिचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न केवल बागवान बल्कि ट्रक ऑप्रेटर, दवाई, ढाबा संचालक सभी की आर्थिकी सेब पर निर्भर है। यदि सीजन अच्छा होगा तो सभी को फायदा होगा।

बागवानों को बताए कितनों के खाते में आई कीटनाशक की सब्सिडी
छाजटा ने कहा कि सरकार ने कहा था कि फफूंदनाशक व कीटनाशक जो सस्ती दरों पर मिलता था उसे बंद किया। उन्होंने बागवानी मंत्री से पूछा कि वह बताए प्रदेश के कितने किसान व बागवानों के खाते में सब्सिडी आई है। इसका पूरा ब्यौरा रखे ताकि किसान व बागवानों को इसका पता चल सकें।

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