प्रियंका गांधी ने काफिला रोककर कर्मचारियों को दिया ओपीएस देने का आश्वासन, हर वायदा पूरा होगा, पहली कैबिनेट में लिया जाएगा निर्णय : नरेश चौहान

प्रियंका गांधी ने काफिला रोककर कर्मचारियों को दिया ओपीएस देने का आश्वासन, हर वायदा पूरा होगा, पहली कैबिनेट में लिया जाएगा निर्णय : नरेश चौहान

*नरेश चौहान ने किया चुनावों की घोषणा का स्वागत, कांग्रेस पार्टी पूरी तरह तैयार, उम्मीद है निष्पक्ष होंगे चुनाव, बंद होगा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग*



शिमला. कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता प्रियंका गांधी ने हिमाचल में ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर क्रमिक हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का दर्द समझा। अपना काफिला रोककर कर्मचारियों से मिलकर उनकी बात सुनी और आश्वासन दिया कि कांग्रेस सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में ओपीएस देने का निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश के लाखों कर्मचारी लंबे समय से मांगों को लेकर अनशन में हैं लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार के पास कर्मचारियों की बात सुनने का समय ही नहीं है। नरेश चौहान ने कहा कि प्रियंका गांधी ने प्रदेश के लोगों को मंच से 10 गारंटियां दी हैं। जिन्हें सरकार बनने पर तत्काल पूरा किया जाएगा। प्रियंका गांधी ने प्रदेश के युवाओं को गारंटी दी है कि सरकार बनने पर सबसे पहली कैबिनेट में 1 लाख पदों पर सरकारी नौकरी में भर्ती करने का निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश के सरकारी विभागों में लाखों पद खाली हैं लेकिन रोजगार देने का वायदा करने वाली भाजपा सरकार ने खाली पदों को नहीं भरा है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते हैं 1 लाख रोजगार देने का निर्णय तत्काल लिया जाएगा। इसी तरह प्रियंका गांधी ने महिलाओं को 1500 रुपए सम्मान राशि देने का वायदा किया है। जिससे साबित होता है कि प्रियंका गांधी महंगाई की मार झेल रहीं महिलाओं का दर्द समझ रहीं है।


नरेश चौहान ने कहा कि प्रियंका गांधी ने मां शूलिनी की धरती पहुंचने पर माता शूलिनी के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की और आशीर्वाद लिया। उन्होंने सोलन के मंच से अपने संबोधन की शुरुआत भी मां शूलिनी को नमन करते हुए जयकारे लगाने से किया है। जिससे जनता के बीच एक बेहतर संदेश प्रसारित हुआ है।



नरेश चौहान ने निर्वाचन आयोग के द्वारा हिमाचल में विधानसभा चुनावों के ऐलान का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रदेश की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। जिससे प्रदेश का विकास कराने में नाकाम जयराम सरकार की विदाई तय है। प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोगजारी की समस्या से परेशान है। कर्मचारी ओपीएस की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेश के सभी वर्ग को चुनावी घोषणा का इंतजार था, जिससे वह निकम्मी सरकार को सत्ता की कुर्सी से उखाड़ फेंके। चुनावों के ऐलान से जनता का इंतजार खत्म हुआ है। नरेश चौहान ने कहा कि अब उम्मीद है कि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव कराएगा और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग बंद होगा।

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