नालागढ़ एसडीम कार्यालय परिसर में बैठे किसान धरने पर कहा मंडियों में टोकन टैक्स बंद करने को लेकर उठाई मांग वरना उग्र आंदोन कि दी चेतावनी।

नालागढ़ एसडीम कार्यालय परिसर में बैठे किसान धरने पर कहा मंडियों में टोकन टैक्स बंद करने को लेकर उठाई मांग वरना उग्र आंदोन कि दी चेतावनी। सरकार को चेताते हुए कहा कि आगामी चुनावों में सरकार को भरना पड़ेगा खामियाजा।

सोलन जिला के नालागढ़ एसडीएम कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के किसान। सरकार की किसान को लेकर रवैया और किसानों के खिलाफ नीतियों को लेकर किसान शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गए है।

वहीं भारतीय किसान यूनियन जिला अध्यक्ष सुरमुख सिंह ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने सरकार को ज्ञापन के जरिए चेताया था, लेकिन अभी तक उनकी मांगे पूरी नहीं हुई  जिसके चलते  आज किसान एसडीएम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए है उनका कहना है की नालागढ़ अनाज मंडी में ऑनलाइन आवेदन करने में आ रही समस्याओं को लेकर एसडीएम नालागढ़ महेंद्र पाल गुजर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन दो दिन पहले भेजा गया था।

लेकिन अभी तक उनकी मांग को लेकर सरकार ने कोई भी कदम नहीं उठाया है उन्होंने बताया की गेहूं को बेचने में आरही समस्या जैसे किसान को 1 महीने से ज्यादा होने के बाद भी सरकार किसानों की कोई भी मांग पर सुनवाई नहीं कर रही है जिसकी वजह से किसानों में सरकार को लेकर काफी रोष है वही सरकार का दमनकारी तरीका असहनीय है किसान की फसलें मंडी में रुल रही है वहीं सरकारी रूप से इसे खरीदा नहीं जा रहा है अपितु किसानों को अपनी फसल बाहरी लोगों को बेचने के लिए उकसाया जा रहा है। इससे यह प्रतीत होता है कि किसानों के सुविधा के लिए बनाई गई मंडियों सरकार द्वारा बंद करने की साजिश चलाई जा रही है जिसका वह विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इसके विरोध में वह एसडीएम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्वक ढंग से धरना प्रदर्शन कर रहे है। उनका कहना है की अनाज मंडी में टोकन व्यवस्था से किसान परेशान है क्योंकि हर किसान ऑनलाइन आवेदन करना नही जानता दूसरा यह कि जिस किसान की फसल कट कर बेचने के लिए तैयार होती है उसे टोकन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और जिस किसान की फसल अभी तैयार नहीं होती है उसे टोकन पहले ही मिलजाता है। वहीं उन्होंने कहा की टोकन की समस्या जमींदार लोगों के लिए बहुत बड़ी परेशानी है। जिसकी किसान का टोकन नंबर नहीं आता जिस वजह से फसल ऐसे ही रूल रही है। इसी कारण उसे अपनी फसल निजी संस्थानों को बेचनी पड़ रही है। वहीं उन्होंने सोलन अनाज मंडी पर आरोप लगाते हुए कहा की सोलन मंडी में ऑनलाइन कार्य अच्छे से नहीं चलता है। वहीं उन्होंने सरकारों को अपनी मांगे पूरी करने हेतु 2 दिन का समय दिया था लेकिन सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की सुनवाई उनकी मांग को लेकर नहीं की गई है इसलिए वह शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं उनका कहना है कि अगर अभी भी उनकी सुनवाई नहीं होती है तो वह सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे वही सरकार को इसका खामियाजा आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा है।

किसान चन्न्न सिंह का कहना है की उन्होंने अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन किसी भी प्रकार की सुनवाई उनकी समस्या पर नहीं हुई। यहां तक कि मंडी के अधिकारियों को भी नालागढ़ मंडी में आ रही समस्या से अवगत करवाया गया है लेकिन किसी ने कोई कदम नहीं उठाया। वहीं उन्होंने बताया कि उनकी 3 क्विंटल गेहूं उन्होंने एफसीआई की जगह उन्होंने निजी तौर पर बेची। उनका कहना है उनका कहना है कि सरकार अगर उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं देंगी तो आगे वह और उग्र प्रदर्शन कर अपने गांव में नाके लगाएंगे।

एसडीएम नालागढ़ महेंद्र पाल गुर्जर
इस मामले पर एसडीएम नालागढ़ महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के किसान एसडीएम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं और उनके उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन को उच्चाधिकारियों को पहुंचा दिया गया था व सरकार द्वारा जल्द ही उनकी मांगों पर सुनवाई की जाएगी।

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